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Wednesday, June 8, 2011

बड़े पर्दे पर चमकेंगे बाबा और अन्ना!

बॉलीवुड अब अपनी फिल्मों के लिए असल जिंदगी की शख्सियतों से पे्ररणा ले रहा है। लोकपाल विधेयक मामले में सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर करने समाजसेवी अन्ना हजारे और भ्रष्टाचार तथा कालाधन मामले में सरकार की नाक में दम करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव फिल्मकारों के लिए नजीर बन रहे हैं। बाबा के बहुत नजदीकी माने जाने वाले 16 दिसंबर, रुद्राक्ष और नॉक आउट जैसी फिल्मों के निर्देशक मणि शंकर उनके जीवन पर फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म में वह संजय दत्त को लेंगे। संजू उनके अच्छे मित्र माने जाते हैं। क्या संजय दत्त फिल्म में बाबा की भूमिका निभाएंगे? मणिशंकर कहते हैं कि इस बारे में मैं अभी आपको कुछ नहीं बता सकता। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कह सकता कि वह (संजय दत्त) फिल्म में कौन सी भूमिका निभाएंगे। फिलहाल शंकर बाबा द्वारा चलाए जा रहे अभियान पर पूरी जानकारी इकट्ठा करने में जुटे हैं। फिल्म में शनिवार रात को दिल्ली के रामलीला मैदान में बाबा और उनके समर्थकों के खिलाफ सरकार के बर्बरतापूर्ण रवैये को भी दिखाया जाएगा। अन्ना से प्रेरणा : निर्देशक इशराक शाह इन दिनों एक बुरा आदमी नाम से फिल्म बना रहे हैं। फिल्म में रघुवीर यादव एक समाज सेवी की भूमिका निभा रहे हैं, जो अन्ना हजारे के जीवन से पे्ररित है। हालांकि शाह इस बात से पर्दा उठाने को राजी नहीं हैं कि फिल्म में रघुवीर यादव का किरदार अन्ना हजारे से मिलता है। उन्होंने कहा, रघुवीर जी का किरदार अन्ना हजारे जैसा है या नहीं, यह फिल्म के प्रदर्शन के बाद पता चलेगा। मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि वह (रघुवीर यादव) एक समाजसेवी की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म की शूटिंग उदयपुर में चल रही है। फिल्म से जुड़े सूत्रों की मानें, तो रघुवीर अन्ना हजारे के रोल में ही हैं। यह ऐसे समाजसेवी की कहानी है, जो चुनाव की राजनीति नहीं करता और सरकार के खिलाफ जागो भारत आंदोलन चलाता है। अरुणोदय सिंह फिल्म में रघुवीर के शिष्य की भूमिका में हैं, जो उनके आंदोलन को आगे बढ़ाते हैं। फिल्म में ऐसा मोड़ भी आता है, जब रघुवीर यादव सरकार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठ जाते हैं, ताकि लोग जागें(दैनिक जागरम,दिल्ली,8.6.11)।

4 comments:

  1. ये भी खूब रही...बाबा तो वास्‍तव मे हीरो बन गए

    हंसी के फव्‍वारे

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  2. Kuchh charitra is desh ki janata aur sarkar ko filmi parde par suhate hain....

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  3. अच्छी कदम !बहुत अच्छी जानकारी !चंद लाइनें इन महानुभावों के समर्थन में -
    चाटुकार चमचे करें ,नेता की जयकार ,
    चलती कारों में हुई ,देश की इज्ज़त तार .
    छप रहे अखबार में ,समाचार सह बार ,
    कुर्सी वर्दी मिल गए भली करे करतार ।
    बाबा को पहना दीनि ,कल जिसने सलवार ,
    अब तो बनने से रही ,वह काफिर सरकार ।
    है कैसा यह लोकतंत्र ,है कैसी सरकार ,
    चोर उचक्के सब हुए ,घर के पहरे -दार ,
    संसद में होने लगा यह कैसा व्यापार ,
    आंधी में उड़ने लगे नोटों के अम्बार ।
    मध्य रात पिटने लगे ,बाल वृद्ध लाचार ,
    मोहर लगी थी हाथ पर ,हाथ करे अब वार ।
    और जोर से बोल लो उनकी जय -जय कार ,
    सरे आम लुटने लगे इज्ज़त ,कौम परिवार ,
    जब से पीज़ा पाश्ता ,हुए मूल आहार ,
    इटली से चलने लगा ,सारा कारोबार ।
    वीरेंद्र शर्मा (वीरुभाई ).,डॉ .नन्द लाल मेहता .

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  4. एक संस्था है जो लोक संघर्ष के नाम से अपना अजेंडा लिए घूम रही है .हमारी मेल में बाकायदा इनकी दस्तक है .कई और जगह भी इनकी घुसपैंठ होगी ही ।
    बतलादें आपको इन कथित "लोक संघर्ष "वालों का लोक से कोई मतलब नहीं है ."लोक "उन लोगों के मन में होता है जिनके मन उदार होतें हैं ,ईमानदार होतें हैं .इंसानियत और जगत को जो समझतें हैं उनके दिलों में वास होता है लोक का ।
    वे लोक की बात न करें जिनका काम एक को दूसरे के विरुद्ध खडा करना हैं .जहां भेद न भी हों वहां भेद पैदा करना देखना है .इनका संघर्ष यह है कि लोक में उथल पुथल मची रहे .आजकल ये अन्नाजी और बाबा रामदेव में मत भेद और मन भेद दोनों देख रहें हैं ।
    इनमे कई स्वप्न नगरी के वासी भी हैं जो फिल्मों में सेक्स परोसते परोसते विचारक बन गएँ हैं .कहलवाना पसंद करतें हैं अपने को विचारक .दाऊद गिलानी को हेडली बनाने वाले यही लोग है .और ये लोक संघर्ष वाले इन्हीं लोगों का अजेंडा लिए घूम रहें हैं .ये ही वो लोग हैं जो स्वामी राम देव को नेता रामदेव यादव कह रहें हैं .(जैसे इन्होनें ही रामदेवजी की माँ का नाल काटा हो .).दाऊद गिलानी ने स्वयम कहा मैं इनके (सेक्स से विचारक तक पहुंचे एक नाम -भट्ट ) लड़के से मिलता रहता था ।
    आपको बतलादें इन तमाम लोगों का मूल एक है .काम भी एक ही है साधू संतों को गाली देना ।
    अपने पेट दर्द को ये जनता का दर्द बतातें हैं .जन क्रान्ति कहतें है .आइन्दा लोक संघर्ष वालों का मूल और इतिहास आपके सामने किश्तों में आता रहेगा .आगे हम आपको बतलायेंगें ये कैसे कैसे नाम रखतें हैं .
    (ज़ारी ...).This may be treated as auxillary information about the duo annaaji and baabaa .

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