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Tuesday, December 22, 2009

Monday, December 21, 2009

Sunday, December 20, 2009

नौशाद-ज़र्रा जो आफ़ताब बना

आमिर खान ने अपने ब्लॉग पर लिख दिया था कि उनके कुत्ते का नाम शाहरुख है। इस वाकये पर अभी तक आमिर और शाहरुख से सवाल पूछे जाते हैं। सच होने के बावजूद आमिर की यह बात उनके प्रशंसकों को भी पसंद नहीं आई थी। आगे रहने की होड़ और प्रतिद्वंद्विता के इस दौर में ऐसे वाकयों पर आश्चर्य नहीं होता, लेकिन जरा नौशाद साहब के जमाने के इस प्रसंग पर गौर करें। नायडू साहब की महफिल में सज्जाद साहब और नौशाद साहब दोनों साथ बैठा करते थे। किस्मत ने नौशाद साहब को पहले चांस दे दिया, तो वे नौशाद साहब से नाराज हो गए। जब कभी नौशाद साहब ने उन्हें बुलवाया, तो वे नहीं गए। बाद में एक साहब के जरिए नौशाद साहब को पता चला कि उन्होंने अपने एक नौकर का नाम नौशाद रखा है और जब कोई प्रोड्यूसर या डायरेक्टर उनके पास जाता है, तो वे उस नौकर को नौशाद कहकर बुलाते और खूब गालियां देते..। एक प्रोड्यूसर ने नौशाद साहब को बताया कि अब सज्जाद साहब ने आपके नाम का एक कुत्ता पाल रखा है। चौधरी जिया इमाम ने नौशाद साहब से मिलकर ऐसी ही यादों को संजोया है अपनी पुस्तक नौशाद : जर्रा जो आफताब बना में । नौशाद साहब ने खुद ये किस्से सुनाए हैं। चौधरी जिया इमाम ने क्रमवार तरीके से लखनऊ के नौशाद अली के संगीत प्रेम और संगीतकार बनने की कहानी को पेश किया है। पूरी किताब पढ़ने पर एक जहीन, नेकदिल, मददगार और संगीत के जानकार नौशाद की तस्वीर उभरती है। कामयाबी की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद भी उनके पांव जमीन पर ही रहे। उन्होंने दोस्ती निभाई और दोस्तों की मदद की। 25 दिसंबर 1919 को लखनऊ में जनमें नौशाद के फिल्मी करियर की समयावधि जितनी लंबी है, उतनी में कुछ लोग पूरी जिंदगी गुजार देते हैं। नौशाद साहब ने मुंबई में आरंभिक दिनों में मुफलिसी देखी, लेकिन उन्होंने उसे खुद पर तारी नहीं होने दिया। वे कदम-ब-कदम आगे बढ़ाते गए। अपना हौसला बनाए रखा और शोहरत के साथ दौलत भी हासिल की। उन्होंने केवल 75 फिल्मों में संगीत दिया, लेकिन उनकी हर फिल्म मौसिकी का नूर है और बाद के संगीतकारों के लिए नमूना हैं। नौशाद के जीवन को प्रसंगों से हमें यह भी मालूम होता है कि उस दौर के लोग कितने यारबाज और फराक दिल हुआ करते थे। हिंदी फिल्मों और फिल्म संगीत के सभी प्रेमियों को यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए।
(दैनिक जागरण,20 दिसम्बर,2009 में अजय ब्रह्मात्मज की रिपोर्ट)

मणालिनी का जलवा फिर दिखेगा


(साभारःहिंदुस्तान,पटना,19 दिसम्बर,2009)

रवीन्द्र जैन पटना में


(साभारःहिंदुस्तान,पटना,20 दिसम्बर,2009)

अमिताभ के बाद अब आमिर बने किसान


(साभारःहिंदुस्तान,पटना,20 दिसम्बर,2009)

Saturday, December 19, 2009

Avatar:Reviews अवतार पर अखबार


(साभारःहिंदुस्तान,पटना,21 दिसम्बर,2009)




मूवीः अवतार
कलाकार : सैम वर्थटिंगन , साल्दना
निर्माता : 20 सेंचुरी फॉक्स स्टार
डायरेक्टर : जेम्स कैमरॉन
सेंसर सर्टिफिकेट : यू / ए
अवधि : 161 मिनट
हमारी रेटिंग :
लगता है , इस साल के आखिर में बॉक्स ऑफिस पर बॉलिवुड फिल्मों के मुकाबले हॉलिवुड फिल्में कुछ ज्यादा ही मेहरबान हैं। हॉलिवुड मूवी 2012 पर नोटों की बारिश के बाद अब दुनिया की सबसे महंगी फिल्म ' अवतार ' को पहले ही दिन सिंगल स्क्रीन और मल्टिप्लेक्स थिएटरों पर 80 से 90 फीसदी की जबर्दस्त ओपनिंग मिली है। इस फिल्म पर तकरीबन 2000 करोड़ रुपये की लागत आई है।

टाइटैनिक , एलियंस और टर्मिनेटर जैसी सुपरहिट फिल्में बना चुके हॉलिवुड के नामी डायरेक्टर जेम्स कैमरॉन की इस फिल्म को रेकॉर्ड बजट और अद्भुत तकनीक की वजह से मीडिया में जबर्दस्त पब्लिसिटी मिली। इस फिल्म को हिंदी और अंग्रेजी के अलावा तमिल और तेलुगू में भी रिलीज किया गया है। शायद यही वजह है कि दर्शकों में फिल्म की कहानी से ज्यादा चर्चा इसकी 3 डी टेक्नॉलजी और दो हजार करोड़ रुपये के बजट को लेकर है। इससे पहले भी हॉलिवुड की कई फिल्में पर दिल खोलकर खर्च किया गया है। करीब 12 साल पहले रिलीज हुई टाइटैनिक पर जेम्स ने करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च किए थे और पायरेट्स ऑफ कैरेबियन की निर्माता कंपनी ने भी फिल्म की रिलीज से पहले इस फिल्म पर लगभग 1400 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया था। दरअसल , अवतार में 3 डी इफेक्ट की वजह से बजट कई गुना बढ़ गया।

फिल्म के क्लाइमैक्स में अंतरिक्ष के वॉर सींस पर भी निर्माता ने दिल खोलकर खर्च किया। चर्चा है कि जेम्स को इस फिल्म के मोटे बजट के लिए कुछ ज्यादा ही इंतजार करना पड़ा और जब 20 सेंचुरी फॉक्स स्टार ने इस कहानी पर फिल्म बनाने की डील की तो जेम्स को साफ कर दिया कि उन्हें फिल्म 1000 करोड़ के बजट में ही समेटनी होगी। जेम्स इस फिल्म को बनाने में जरा भी कंजूसी बरतने के मूड में नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने निर्माता कंपनी से मिला पूरा बजट फिल्म बनाने में लगाया और शूटिंग के आखिरी शेडयूल में पैसे की तंगी आई तो अपने दम पर इंतजाम किया। इस फिल्म में पहली बार न्यू वर्चुअल फोटोरियलिस्टिक तकनीक का प्रयोग हुआ और जेम्स ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर 3 डी तकनीक का स्पेशल कैमरा बनाया और इसी कैमरे से फिल्म शूट की।

जेम्स ने फिल्म में ऐसे कई किरदारों को पेश किया है जिनका अपना कोई वजूद नहीं है। जेम्स ने एक नई तकनीक के माध्यम से फिल्म में कंप्यूटर जेनरेटेड इमेजिनरी इफेक्ट्स का भी प्रयोग किया है। फिल्म के स्पेशल इफेक्ट गजब के हैं। आधुनिक सिनेमा की नई तकनीक से आप इस फिल्म में एक ऐसी सपनों की दुनिया को रुपहले पदेर् पर देख सकेंगे जो शायद कभी आपने सपनों में देखी हो।

कहानी : साल 2154 की इस कहानी के मुख्य किरदार जैक सल्ली ( सैम वर्थटिंगटन ) को एक गुप्त मिशन के अंतर्गत एक काल्पनिक ग्रह पंडारा भेजा जाता है। इस ग्रह पर जाने के लिए जैक को एक खास प्रोग्राम अवतार से लैस किया जाता है। इसके मुताबिक जैक ग्रह पर जाकर भी मिशन के मकसद में लगा रहे और उस पर मिशन के आका उसे अपने मन मुताबिक चला सकें। पंडारा ग्रह पर जाने के बाद जैक ग्रह पर रह रहे दूसरी दुनिया के लोगों में मिल जाता है। जैक को वहां के राजा की बेटी से प्रेम हो जाता है , लेकिन वहीं उसे मिशन पर भेजने वाले अमेरिकी सेना के आकाओं के इरादे कुछ और है।

स्क्रिप्ट : करीब पौने तीन घंटे लंबी इस फिल्म की स्क्रिप्ट कहीं भी कमजोर नहीं पड़ती। स्क्रिप्ट राइटर ने दूसरी दुनिया में रहने वालों की उस अजब दुनिया को कुछ ऐसे असरदार ढंग से पेश किया है कि दर्शकों को उस अनजानी दुनिया से प्रेम हो जाता है। इसे स्क्रिप्ट राइटर और कैमरामैन की काबलियत ही कहा जाएगा कि अमेरिकी सेना जिस अनजान ग्रह को नरक से भी बदतर बताती है , उसी दुनिया को ऐसी खूबसूरती से पेश किया गया है कि हर कोई उसमें बंध सा जाता है।

डायरेक्शन : जेम्स कैमरॉन की फिल्म के हर हिस्से पर सौ फीसदी पकड़ है। करीब डेढ़ सौ साल बाद की एक ऐसी काल्पनिक दुनिया को उन्होंने ऐसे असरदार ढंग से सिल्वर स्क्रीन पर उतारा है कि दर्शक शुरू से लेकर आखिर तक फिल्म के साथ खुद को बंधा पाता है। एक ऐसी फिल्म में जिसके सभी पात्र सौ फीसदी काल्पनिक और अजीब लगने वाले हैं , उन पात्रों के साथ दर्शकों का तारतम्य जोड़ने का क्रेडिट जेम्स को जाता है।

ऐक्टिंग : जैक की भूमिका में सैम ने एक ऐसा किरदार निभाया है जो एकसाथ दो जिंदगी जीता है। पंडारा ग्रह पर पहुंचने के बाद सैम का दूसरी दुनिया के लोगों से रिश्ता जोड़ना और आकाश की दुनिया के लोगों के साथ जंग करने के लिए उन्हें एकजुट करने वाले सींस में सैम खूब जमे है। बाकी कलाकारों में साल्दना , सीक्योर्नी ने बेहतरीन अभिनय किया है।

क्यों देखें : फैमिली के साथ एक ऐसी नई दुनिया को देखने का एहसास जहां सब कुछ आपके सपनों जैसा सुहाना और लाजवाब है। 3 डी और फिल्म के ऐसे अद्भुत स्पेशल इफेक्ट जो इससे पहले आपने शायद ही देखे हों।
(चंद्रमोहन शर्मा,नभाटा)

पेश बा अलौकिक चुटकी भर सिंदूर के झलक


19 दिसंबर,2009 के हिंदुस्तान,पटना में प्रकाशित

मार देब गोली केहू ना बोलीःअपराधी लोगन के कहानी


19 दिसम्बर,2009 के हिंदुस्तान,पटना में प्रकाशित

भोजपुरी के हॉरर बा मनोज भइया के लाल सुग्गा


19 दिसम्बर,2009 के हिंदुस्तान,पटना में प्रकाशित

Friday, December 18, 2009

बिग बी के दिल के बात निरहुआ के साथ

हिंदुस्तान,पटना,19 दिसम्बर,2009 के रिपोर्टः

सदी के महानायक बिग बी के दिल के बात ले के आ रहल बाड़न भोजपुरी सिनेमा के किंग दिनेश लाल यादव निरहुआ। दैनिक जागरण,पटना,18 दिसम्बर,2009 के अंक में खबर छपल बा कि एकर प्रसारण होई महुआ न्यूज पर। हाले में, मुम्बई स्थित बिग बी के बंगला प्रतीक्षा पर उनकरा से एक घंटा के साक्षात्कार के शूटिंग भइल जवन में खुद-ब-खुद बिग बी बतवलन आपन दिल के बात। साक्षात्कार के दौरान निरहुआ उनुकर जिंदगी के हर पहलू पर बातचीत कइलन। एह में, हालिया रिलीज पा में अमिताभ के किरदार पर बातचीत भी शामिल बा। बिग बी भी भोजपुरी भाषा, सिनेमा आ ओकर बढ़त लोकप्रियता पर खुल के बतवलन। ऊ भोजपुरी इंडस्ट्री के हर सदस्य के बधाई देत कहलन कि उनुकरा के गर्व बा कि भोजपुरी उनकर भाषा बा अउर ऊ भोजपुरी भाषी क्षेत्र के बाड़न। अमिताभ बच्चन के साथ बितावल समय के चर्चा करत निरहुआ कहलन कि जब ऊ पहली बार उनकरा से रू-ब-रू भइलन त उनकरा के बुझाइल कि ऊ आपन भगवान के सामने बाड़ें। निरहुआ उनकरा से अभिनय के कुछ टिप्स भी लेलन ।

संभावना के पहिल पसंद भोजपुरी

दैनिक जागरण,पटना,18 दिसम्बर,2009 के अंक में छपल खबर में कहल गईल ह कि मशहूर आइटम गर्ल संभावना सेठ क पहिल पसंद भोजपुरी बा। संभावना सेठ सोनी टीवी के मशहूर रियलिटी शो डासिंग क्वीन के विजेता रहली। उनकर कहनाम बा कि ऊ भोजपुरी सिनेमा आ भाषा के अबहु ओतने प्यार करेली सन जतना शुरू में करत रहली। संभावना सेठ बिग बास से बड़हन लोकप्रिय हो रहल बाड़ी। उनका के आज भी भोजपुरी सिनेमा में आइटम नंबर करे से कवनो गुरेज नइखे। बल्कि ऊ गर्व से कह ताड़ी कि उनुकर सफलता के श्रेय भोजपुरी सिनेमा के जाला, जवन के कारण उनुका के भोजपुरिया हेलेन कहल गईल। संभावना भोजपुरी सिनेमा में रोल करे खातिर तैयार बाड़ी। उनकर कहनाम बा कि भोजपुरिया लोगन खातिर उनकर घर हमेशा खुलल रही काहे से कि उनकर पहिचान भोजपुरी सिनेमा से ही भईल रहे। ऊ आजीवन भोजपुरी सिनेमा करिहें,ई उनकर घोषणा बा। बिग बास आ डांसिंग क्वीन के बाद उनुका के ढेरिका आफर मिल रहल बा। देश-विदेश में कईगो स्टेज शो कर रहल बाड़ी। आज लोग उनका के निमन डांसर माने लागल ह। संभावना सेठ के प्रेम के रोग भईल रिलीज हाले में रिलीज भइल ह अउर कुछ और फिल्म फ्लोर पर बा।

Thursday, December 17, 2009