स्वागत

Wednesday, September 8, 2010

पंजाबःटॉकीजों के लिए संजीवनी हैं भोजपुरी फिल्में

पंजाब में बदहाली की कगार पर खड़े सिनेमाघरों के लिए भोजपुरी फिल्में संजीवनी का काम कर रही है। मल्टीप्लेक्स के बढ़ते चलन और महंगी दर में फिल्में मिलने से राज्य की दर्जनों टॉकीज बंद हो चुकी हैं। ऐसे में तमाम सिनेमाघर मालिक भोजपुरी दर्शकों के बल पर अपना अस्तित्व बचा रहे हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के कारण पंजाब में भोजपुरी फिल्मों का नया बाजार पैदा हुआ है। कम कीमत पर अच्छी कमाई के कारण अब तो कई सिनेमाघरों की पहचान ही भोजपुरी फिल्में बन चुकी हैं। लुधियाना स्थित लक्ष्मी सिनेमाहॉल के मैनेजिंग प्रोपराइटर सरदार अविनाश सिंह बताते हैं कि मल्टीप्लेक्स सिस्टम व महंगी हिंदी फिल्मों ने तो पुराने सिनेमाघरों की कमर तोड़कर रख दी। करोड़ों की लागत से बने सिनेमाघर, दर्जनों स्टाफ, रख-रखाव पर ही लाखों रुपये महीने खर्च होते हैं, ऊपर से बिजली की समस्या। ऐसे में महंगी फिल्में खरीदकर सस्ती दरों पर दर्शकों को दिखाना तो घर से रकम लगाने का काम रह गया। उन्होंने कहा, भोजपुरी फिल्में सस्ती कीमत पर मिल जाती है और बिजनेस भी अच्छा कर लेती है। इससे कम से कम हमारा खर्चा तो निकल जाता है। नार्थ इंडिया मोशन पिक्चर्स एसोसिएशन के प्रधान धरमपाल अरोड़ा कहते हैं कि 25-50 रुपये टिकट दरों वाले सिनेमाहॉल मालिकों को करोड़ों में फिल्म खरीद कर चलाना और अपने खर्चे निकालना मुश्किल है। औसतन दो-तीन करोड़ में अच्छी हिंदी फिल्में मिलने के कारण छोटे-छोटे डिस्ट्रीब्यूटर तंगहाल हो गए। इस बीच पंजाब व हरियाणा के कुछ शहरों में भोजपुरी भाषी दर्शकों के कारण एक नया बाजार बना। धरमपाल के अनुसार, पंजाब में करीब 60 फीसदी भोजपुरी फिल्मों का कारोबार सिर्फ लुधियाना में है, जबकि जालंधर, अमृतसर, बठिंडा व मोहाली जैसे शहरों में छिटपुट कारोबार होता है। भोजपुरी फिल्में बिहार-यूपी में रिलीज के एक-डेढ़ माह बाद इधर आती है। कुछेक लाख में मिलने वाली फिल्में तीन-चार सप्ताह तक बिजनेस कर जाती है। साल में आठ-नौ माह तक भोजपुरी का अच्छा बाजार रहता है। हालांकि दशहरा, दीवाली व छठ पर्व के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक घर को चले जाते हैं, इसलिए अक्टूबर से दिसंबर तक भोजपुरी फिल्मों की मांग में कमी रहती है(पंकज राय,दैनिक जागरण,लुधियाना,8.9.2010)।

7 comments:

  1. क्या व्यापार ही सब कुछ है....क्या कुछ दिखा रही हैं यह फिल्में आशा है आगे कुछ एसा ही लेख पढ़ने को मिलेगा...शुभकामनायें

    स्नेह
    चन्दर मेहेर
    lifemazedar.blogspot.com
    kvkrewa.blogspot.com

    ReplyDelete
  2. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

    किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी,
    हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

    ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,
    संस्‍कृतम्-भारतस्‍य जीवनम् पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने
    सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के
    प्रसार में अपना योगदान दें ।
    यदि आप संस्‍कृत में लिख सकते हैं तो आपको इस ब्‍लाग पर लेखन के लिये आमन्त्रित किया जा रहा है ।

    हमें ईमेल से संपर्क करें pandey.aaanand@gmail.com पर अपना नाम व पूरा परिचय)

    धन्‍यवाद

    ReplyDelete
  3. ब्‍लॉग जगत् में आपका स्‍वागत है। यह जानकर प्रसन्‍नता हुई की अपने इस ब्‍लॉग में फिल्‍मी ज्ञान बढ़ाएंगे। इन ब्‍लॉगों पर भी आपका स्‍वागत् है- http://jyotishniketansandesh.blogspot.com/
    http://jyotishniketana.blogspot.com/

    ReplyDelete
  4. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
    अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
    अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से



    कृपया अपने ब्लॉग से वर्ड वैरिफ़िकेशन को हटा देवे इससे लोगों को टिप्पणी देने में दिक्कत आती है।

    ReplyDelete
  5. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

    ReplyDelete
  6. इस सुंदर से चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    ReplyDelete

न मॉडरेशन की आशंका, न ब्लॉग स्वामी की स्वीकृति का इंतज़ार। लिखिए और तुरंत छपा देखिएः