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Tuesday, March 30, 2010

दीया मिर्ज़ा के दो शावक-अशोक और नक्षत्र

संकट में केवल बाघ नहीं,तेंदुए भी हैं। एक आंकड़े के मुताबिक उत्तरप्रदेश में महज 200 तेंदुए बचे हैं। मुहिम शुरू हो चुकी है इन्हें बचाने की। इसी सिलसिले में,दीया मिर्जा ने कल लखनऊ अभयारण्य का दौरा कर दो शावकों का नामकरण किया। इससे पहले,रवीना टंडन भी इस अभयारण्य में बरगद का पेड़ लगा चुकी हैं। पढिए,आज के जनसत्ता में छपी यह रिपोर्टः

4 comments:

  1. शीर्षक में चीते लिखा है जबकि बात तेंदुओं की है -यहीं हम मात खा जाते हैं -चीते भारत से लुप्त हो चुके हैं !

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  2. धन्यवाद। सुधी पाठक किसी भी ब्लॉग की जान होते हैं। आवश्यक सुधार कर दिया गया है। पुनः आगमन की प्रतीक्षा रहेगी।

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  3. हमने मिश्र जी के सुझावानुसार हुए सुधार के बाद पढ़ा...

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